

निवाड़ी। कलेक्टर श्रीमती जमुना भिडे के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती ज्योति पांडे के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर, निवाड़ी के तत्वावधान में ग्राम गढ़कुंडार में बाल विवाह की रोकथाम को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं, पुरुषों, बालक-बालिकाओं एवं जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
बाल विवाह के दुष्परिणामों पर डाला प्रकाश
कार्यक्रम के दौरान वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर श्रीमती नीलम नायक ने बाल विवाह के सामाजिक, मानसिक एवं शारीरिक दुष्परिणामों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक विकास, मानसिक स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है तथा इससे उनका भविष्य अंधकारमय हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इसमें शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर दंड का प्रावधान है।
कानूनी प्रावधानों एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम में उपस्थित सोनाली झारखड़िया ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाती है। साथ ही महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़ी विभिन्न शासकीय योजनाओं, वन स्टॉप सेंटर द्वारा प्रदान की जाने वाली सहायता सेवाओं एवं आपातकालीन सहयोग के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
समाज को आगे आकर रोकथाम की अपील
इस अवसर पर राखी नायक ने ग्रामीणों से अपील की कि वे न केवल स्वयं बाल विवाह से दूर रहें, बल्कि अपने आसपास होने वाले बाल विवाह की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि समाज की सजगता और सहभागिता से ही बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त किया जा सकता है।
बाल विवाह न होने देने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमुदाय ने बाल विवाह रोकने हेतु सजग रहने, सहयोग करने एवं समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने भरोसा दिलाया कि वे अपने गांव में किसी भी बाल विवाह की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को देंगे।
इनकी रही उपस्थिति
इस अवसर पर आरती अहिरवार, विवेक सोनी, ग्राम के गणमान्य नागरिक, स्थानीय जनप्रतिनिधि, महिलाएं, पुरुष तथा बड़ी संख्या में बालक-बालिकाएं उपस्थित रही।





